clix - Values Stories (obsolete)
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Values Stories (obsolete)

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10.1 लड़ाई, झगड़े और गुस्सा


प्रकाश को गुस्सा क्यों आता है? भाग 1

हमारी ज़िंदगी में कभी न कभी ऐसे हालत पैदा होते हैं जब हमें लगता है कि झगड़े को सुलझाना असंभव है या उसमें बहुत ही ज़्यादा समय बरबाद होगा। जब ऐसा लगता है तब हताशा, घुटन, बेबसी और गुस्से की भावनाएँ हमें घेर लेती हैं। हम यह समझ नहीं पाते कि इन भावनाओं को कैसे जताएँ। ऐसे में हमें क्या करना चाहिए? क्या हम उन भावनाओं पर ध्यान न दें? क्या अपनी भावनाएँ दबा कर रखें? बिना सोचे-समझे जो मन में आए वह कह देना उचित नहीं होगा, क्योंकि इससे बात नहीं सुलझेगी। इतना ही नहीं, ऐसी भावनाओं को ग़लत रूप से व्यक्त करने से इसी तरह की दूसरी भावनाएँ उनकी जगह ले लेंगी। मन में ऎसी कठोर भावनाओं से हमारे काम, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास पर असर पड़ेगा। सबसे ज़्यादा असर हमारे करीबी रिश्तों पर पड़ेगा।

इसलिए गु़स्से और घुटन से कैसे बचा जाए, यह सीखना बहुत ज़रूरी है। चलिए देखें कि हम यह किस तरह कर सकते हैं।

[Contributed by ankit.dwivedi@clixindia.org, richa.pandey@clixindia.org on 21. März 2018 18:22:16]